✨ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और सर सुंदरलाल अस्पताल (SSH): इतिहास से वर्तमान तक
📜 परिचय
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) भारत का एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय है, जो पवित्र नगरी वाराणसी में स्थित है। इसके साथ जुड़ा सर सुंदरलाल अस्पताल (SSH) देश का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है।
🏛️ ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
▶️ BHU की स्थापना (1898–1916)
1898 में डॉ. एनी बेसेंट द्वारा सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना से शुरुआत हुई, लेकिन BHU को मूर्त रूप देने का श्रेय जाता है भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय को।
- 1905 – कांग्रेस अधिवेशन में BHU की घोषणा
- 1915 – BHU अधिनियम पारित
- 1916 – वसंत पंचमी पर स्थापना
🎙️ गांधी जी का पहला भाषण
BHU के स्थापना समारोह में महात्मा गांधी ने अपना पहला सार्वजनिक भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली और स्वराज पर बल दिया।
🏥 सर सुंदरलाल अस्पताल (SSH)
📅 स्थापना और विकास
1926 में BHU के पहले कुलपति सर सुंदरलाल के नाम पर अस्पताल की शुरुआत हुई। आज यह IMS-BHU का मुख्य शिक्षण अस्पताल है।
- 96 बेड → वर्तमान में 1500+ बेड
- पूर्वांचल का सबसे बड़ा तृतीयक केयर सेंटर
- 2018 से AIIMS समकक्ष दर्जा प्राप्त
🩺 आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं
- ऑनलाइन अपॉइंटमेंट
- टेली-मेडिसिन
- स्मार्ट डायग्नोस्टिक्स
🏫 BHU कैंपस और अवसंरचना
मुख्य कैंपस 1370 एकड़ में फैला हुआ है और गंगा के तट पर स्थित है। IIT-BHU और महिला महाविद्यालय इसके प्रमुख हिस्से हैं।
🛏️ हॉस्टल व्यवस्था
- 41 लड़कों के हॉस्टल
- 21 लड़कियों के हॉस्टल
📚 पुस्तकालय
सयाजी राव गायकवाड़ पुस्तकालय में 13 लाख+ पुस्तकें हैं।
🛕 श्री विश्वनाथ मंदिर
विश्वनाथ मंदिर BHU के केंद्र में स्थित है। इसकी ऊंचाई 252 फीट है और दीवारों पर पूरी भगवद गीता उत्कीर्ण की गई है।
🎓 शैक्षणिक उत्कृष्टता
- 6 संस्थान, 14 संकाय, 140+ विभाग
- 30,000+ छात्र, 48 देशों से
- IIT-BHU को 2012 से IIT का दर्जा
🌍 रैंकिंग (2024)
- NIRF समग्र: #11
- QS Asia: #199
- IIRF केंद्रीय विश्वविद्यालय: #3
✨ प्रसिद्ध पूर्व छात्र
- डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम – पूर्व राष्ट्रपति
- हरिवंश राय बच्चन – कवि
- डॉ. सी.वी. रमन – नोबेल विजेता
- निकेश अरोड़ा, जय चौधरी – वैश्विक CEO
🔧 वर्तमान विकास योजनाएं (2024–25)
- नई महिला हॉस्टल
- IIT-BHU रिसर्च पार्क
- प्रशिक्षण और औद्योगिक संपर्क केंद्र
🙏 सांस्कृतिक योगदान
BHU ने स्वतंत्रता संग्राम में भी भूमिका निभाई। 1942 आंदोलन में छात्रों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन मालवीय जी के प्रयासों से विश्वविद्यालय सुरक्षित रहा।
📍 BHU का वाराणसी से संबंध
काशी की आध्यात्मिकता और BHU की आधुनिक शिक्षा प्रणाली मिलकर एक अनोखा संयोजन बनाते हैं। कैंपस स्वयं एक सांस्कृतिक नगर की भांति है।
🚀 निष्कर्ष
BHU और SSH न केवल शिक्षा और चिकित्सा के प्रमुख केंद्र हैं, बल्कि भारतीय आत्मा, अध्यात्म और आधुनिकता के समन्वय का प्रतीक भी हैं।